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मार्च, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

शस्त्र लाइसेंस

हिमाचल प्रदेश एक सीमावर्ती प्रदेश है जिसकी सीमा चीन के साथ लगती है। हिमाचल प्रदेश की सीमा जम्मू कश्मीर के साथ  लगती है।  जम्मूकश्मीर  वह  क्षेत्र है जहाँ कुछ आबादी पाकिस्तानी आतंकवादियों को पनाह देती रही है  इन आतंकवादियों ने आधुनिक हथियारों से कश्मीरी पंडितों ,सुरक्षा बलों का संहार किया।  इस समय चीन और पाकिस्तान  जम्मू कश्मीर , लद्दाख क्षेत्र  में आतंकवादियों की घुसपैठ करवाता रहता है।  जिससे हिमाचल की शांत आबादी खतरे में रहती है।  अतः हिमाचल के ऊर्जावान ,शक्तिवान पूर्व सैनिक , एन ० सी ०सी   B,C ,certificate वाले  , पूर्व पुलिस , सुरक्षा बल  वाले इच्छित हिमाचल के मूल निवासियों को शस्त्र लाइसेंस प्रदान करें।  प्रत्येक दूर दराज के सभी घरों में हथियार रखना आवश्यक होना चाहिए। हमारे बुजुर्ग कहते थे कि युद्ध से  पहले भी  हिमाचल- पंजाब के   सभी घरों में  बन्दूक रखने  और सरकारी स्तर पर  चलाने  का प्रशिक्षण दिया जाए।  धन्यवाद।...

हमारे पूर्वज , वीर और जंगल , पशु - पक्षियों के मित्र

केवल ५० वर्ष पूर्व  गांव पनेवा ( जौणा जी ) सोलन  के श्री लक्ष्मीनंद शर्मा  (पिता श्री इंद्र दत्त शर्मा) ताया जी श्री गंगा दत्त शर्मा /गणेश दत्त शर्मा  श्याहाग जंगल के गुफा / बेशक में  जंगल मैदान में श्रावण और भादों महीनो में पत्नी सहित रात - दिन रहते थे। वह ४-५ भैंसें दिन में चराते थे और दूध/खोया  सहेजते थे।  उनके बच्चे  जंगल आकर दूध, घी , खोया अदि ले जाते थे और गुड़ ,चाय पत्ती , आटा ,चावल, अदि छोड़ जाते।  उस  जंगल में पड़ोसी और भाई-बंडार की भैंसें भी चरा देते थे। बेटा - बहु -बच्चे गांव में  रहते थे।  इसी समय गावं कलोग -मही ( कंडाघाट ) के मनसा राम शर्मा /हरी राम शर्मा ( पिता श्री ओम प्रकाश शर्मा पिता श्री हरीश शर्मा ) भी करोल के जंगल में बेशक बना कर आषाढ़ से आसोज तक ४ महीने   शाम , दोपहर , रात्रि को ५-७ भैंसों को चराने के लिए  रहते थे , सुबह दूध लेकर गांव आते थे।  दोनों गांव के बुजुर्गों  द्वारा  जंगल में पेड़ों और जंगली जानवरों से प्यार करना ,आवाजें देना इनकी आदत रही है।  प...

सिंगल प्रयुक्त पॉलिथीन

नमस्कार  सरकार द्वारा निर्देश दिया गया है ,सिंगल प्रयुक्त पॉलिथीन  का प्रयोग बंद करना  है ,परन्तु प्लास्टिक ,कुछ पॉलिथीन प्रयोग होता रहेगा। इसके लिए आपसे अनुरोध है कि सभी राज्य सरकारों / प्रशासन को आदेश दिया जाये कि प्रयोग करने के उपरांत बेकार पॉलिथीन ,प्लास्टिक नए प्लास्टिक/पॉलिथीन  से आधे दाम  पर  पंचायत ,नगर ,शहर स्तर पर ख़रीदा जाये और उसका पुनः प्रयोग निर्माण उद्योग अवश्य करे।  इससे संसाधन का सस्ता उपयोग होगा और देश को स्वच्छ रखने में मदद के साथ रोगाणु से जनता निपट सकेगी।                                                                                               धन्यवाद                                    ...

देश को दी गई विदेशी शिक्षा का असर।

 भारतीय समाज को भारतीय शिक्षा से अनभिज्ञ रखा गया।  भारतीय शिक्षा में प्रयोग करने और प्रभाव देखने की प्रवृत्ति थी जो विदेशी शिक्षा से समाप्त हो गई।  उदाहरण के लिए जो स्त्री - पुरुष  दुष्ट /अपराधी / अधर्मी  होता है उसका  वर्तमान और  भविष्य बिगड़ जाता है  साथ ही  जो डरपोक  लोग ( जनता), दुष्ट /अपराधी / अधर्मी  का साथ देती है ,उनका वर्तमान और भविष्य बिगड़ जाता है।  आज के समय में हमारी भारतीय सत्यवादी रिवाजें जो वेद और पुराण के अनुसार थी का विनाश हुआ तो प्रकृति भूकंप ,ओलावृष्टि ,बिजली गिरना,पहाड़ों का दरकना , बदल का फटना , बाढ़ ,सूखा ,आग ,महामारी , बुद्धि भ्रष्ट अदि से जनसँख्या त्रस्त  है।  प्रभाव देखें  १) मुस्लिम कट्टर अफगानिस्तान और अन्य देशों में जहाँ  अल्पसंख्यकों -महिलाओं पर अत्याचार हुए तो उधर वर्षों हो गए  बन्दूक ,बम , बारूद से रोज सभी वर्गों के लोगों का संहार जारी है।  २) सोमालिया जैसे देश में लूट-पाट ही  एजेंडा है तो वहां प्रतिदिन का सभी वर्गों का जीन...