Himachali Riwaj

याद आओ जे म्हारे घरों में सभी जवांसो रो मर्दो खे ए बात माननी पड़ो थी के जबे बी आपने घरों खे आई तो कें न कें जरूर लेह आई। ओरके पौरके री संभाल लोणी।खाली हाथ ना घरों खे  आई ना रेके रे थें  जाइ।  तेनी दे बाद आपणी रोजकी योजना बनानी। सबेरे उठे रो बिल्ली ,कुत्ते ,चिड़ू पखीरु खे रोटी देओ रो तेनी  दे बाद ओबरे में जाइओ। तेनी दे बाद घरो साथी रे खेचों में प्याज ,मटर ,मिर्च ,पुदीना ,कद्दू ,घीया ,बीन,तुलसी ,लहसण ,टमाटर ,सरसों, मेथी, धनिया  जो बिज रखा हो से सिंज लोना।जिशे खेचो दे आई तो समिधा,पुदीना,धनिया,सब्जी ,फल ,घास ,बेलो,लीपने री माटी,फूल घरो खे जरूर लियोना। कई बार जाने से कई चीजों आ जाइओ थी रो तेनी में दे आस-पडोश  खे जरूर बांडनी ।  
उशे भी केसरी बिना दिए चीज नि लोणी। 
आजकी जवांसो रो मर्द , बच्चे खेचों में कमी जाओ  रो चले हुन्दे खेचों  में दे खाली हाथ ओरे घरो खे । ओरले पोरले रे खेचों में दे बिना पूछे कुछ चक लो। बाँड्ने रो, मिले रो खाने री तो राखी नि हाई। 

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